क्या आपको पढ़ा हुआ याद नहीं रहता है? तो आजमाएं ये 11 टिप्स || How to remember what you study in Hindi

परीक्षा के समय स्कूल, कॉलेज और प्रतियोगिता परीक्षा के छात्र/ छात्राएं एक सवाल को लेकर हमेशा परेशान रहते है की पढ़ा हुआ याद नहीं रहता। कुछ स्कूली बच्चो के माता पिता तो इतने परेशान रहते है कि बच्चे को तरह तरह कि दवाएं देना शुरू कर देते है। इसी समस्यां का फायदा उठा कर तरह तरह कि कंपनियां नित नए प्रोडक्ट लॉन्च कराती रहती है। कुछ लोग मानते हैं कि पढ़े हुए को याद रखना सबके लिए आसान नहीं रहता। लेकिन यह सच नहीं है। निचे दी गई 11 टिप्स अपना कर आप अपनी याद करने कि छमता बढ़ा सकते है ।


आपको टिप्स बताएं उससे पहले सोचो क्या आप कभी आपका नाम, अपने शहर या गांव का नाम, अपने दोस्तों, माता पिता और रिश्तेदारों या पॉपुलर जगह जैसे दिल्ली, मुंबई आदि का नाम भूले है? नहीं ना, तो पढ़ा हुआ नाम, जगह का नाम या किसी वस्तु या स्थान का नाम कैसे भूल जाते है, आगे हम उसी पर चर्चा करेंगे।


जैसे एक कंप्यूटर या मोबाइल को सही चलने के लिए हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों सही चाहिए उसी प्रकार याद रखने के लिए भी दिमाग को संतुलित आहार और शांत मन दोनों चाहिए। अक्सर ऐसा देखा गया है कि कुपोषित बच्चे कि तुलना में संतुलित आहार प्राप्त करने वाले बच्चे को पढ़ा हुआ जल्दी याद हो जाता है इसके अलावा तनाव और अशांत मन कि बजाय शांत और कोई चिंता ना करने वाले बच्चे को भी जल्दी याद हो जाता है।


गांवों में रहने वाले माता पिता शांत मन की अहमियत भली भाति जानते है इसलिए शहर में किराये पर रह कर पढाई करने वाले बच्चे को तनिक भी अहसास नहीं होने देते कि हर महीने मेहनत मजदूरी कर पैसे भेजने में लाख दिक्कत होने के बाबजूद बच्चों को समय पर पैसे भेजने कि कोशिश करते है।


कुछ बच्चे आपने ऐसे भी देखे होंगे जो शहरों के कूड़ा करकट बीनते है लेकिन उनकी मेमोरी इतनी अधिक होती है एक बार बताने पर ही सीख लेते है। कुछ शैतान बच्चे होते है वो भी पढाई में अव्वल पाए जाते है उनमे भी तुरंत रिएक्शन की खूबी होती है इसलिए ऐसा कर पाते है। ऐसे बच्चे सिर्फ उसी टॉपिक पर सोचते है जो अभी चल रहा है या अभी जिस विषय पर आप बात कर रहे है या पढ़ा रहे है। उनका दिमाग अंदर ही अंदर किसी अन्य बारे में नहीं सोच रहा होता।


अभी कभी आपने देखा होगा ही आप कोई किताब पढ़ रहे होते है या कोई गाना सुन रहे होते है लेकिन पता ही नहीं चलता कि आपने क्या पढ़ा या क्या सुना, क्योकि आप उस समय कुछ और सोच रहे होते है। कुछ ड्राइवर ऐसे गाडी चलते पाए गए जिन्हे बिलकुल सामने का ऑब्जेक्ट नहीं दिखा और टक्कर मार दी। लेकिन हिट होते ही उन्हें पता चलता है कि अबे ये क्या हो गया? ऐसा इसलिए होता है क्योकि उस समय समय वो कुछ अन्य के बारे में सोच रहे होते है जैसे ही टक्कर लगाती है या गाना पूरा होता है या किताब का पेज बदलते है तो आपका दिमाग रिसेट होकर अटेंशन में आ जाता है।

पढ़ा हुआ याद नहीं रहता है तो आजमाएं ये 11 टिप्स

अब हम आपको 11 टिप्स बताने वाले है जिन्हे अपनाकर आप एक बार में भी पढ़ा हुआ याद कर सकते है।

शांत दिमाग से पढ़ना - जहाँ आप 6 घंटे पढाई कर रहे है तो 3 घंटे ही पढाई करे लेकिन शांत दिमाग से पढाई करे यदि आपको सोना है तो सो जाए, खेलना है तो खेले और कोई बात है तो किसी अपने प्रिय से शेयर करे ताकि आपका मन हलका हो जाए और शांत मान से पढाई कर सके।


आभाषी (visualization ) पैटर्न - जब भी आप जिस टॉपिक पर पढ़ रहे है तो ऐसा सोचे जैसे आप देख रहे है। या आप उस घटना के समय बीच में है। जैसे यदि आप भूगोल के बारे में पढ़ रहे है तो आपको उस जगह का नक्शा, ग्लोब के बारे में पूरा ज्ञान होना चाहिए। यदि आप संविधान के बारे में पढ़ रहे है तो सोचो आप डॉक्टर अम्बेडकर साहब के साथ साथ संविधान लिख रहे है उस समय क्या क्या जरुरत थी। क्या क्या दिक्कत थी, अन्य देशों कि उस समय क्या स्तिथि थी, दितीय विश्वयुद्ध के बाद कैसा माहौल था। भारत ने लोकतंत्र ही क्यों अपनाया ऐसे सवाल अपने आप से पूछों।


हम एक मूवी को देखने के बाद पूरी स्टोरी बता देते है क्योकि वहा हमने घटनाएं और करैक्टर को देखा है इतना ही नहीं जिस समय जब हम मूवी देख रहे होते है तब हम कोई दूसरी बात नहीं सोच रहे होते, इसलिए सब कुछ एक बार में ही याद हो जाता है।


टाइम टेबल ना बनाये -आप ये सोच रहे होने हमने यह क्या कह दिया। सभी गुरुजन और माता पिता तो टाइम टेबल बनाने कि सलाह देते है और हम बिलकुल विपरीत क्यों बता रहे है। जारा सोचो आपके टाइम टेबल में 8 से 9 के बीच हिंदी पढ़ने को लिखा है और आपका मन गणित पढ़ने को कर रहा है तो टाइम टेबल दवारा पढ़ा हुआ याद रहेगा या मन कर रहा है वो याद रहेगा। टाइम टेबल बनाइये लेकिन सिर्फ इतना की इतने घंटे तो पढ़ना ही पढ़ना है चाहे वो सुबह पढ़े, दिन में पढ़े या रात को लेकिन कोशिश करिए पढाई का समय कभी भी मिस नहीं हो।


कठिन विषय को अधिक समय दे -अक्सर कई हिंदी भाषी छात्र - छात्राएं स्कूल के समय अंग्रेजी से काफी डरे हुए होते है, पूछते रहते है अंग्रेजी कैसे याद करे? यह कितना कठिन सब्जेक्ट है? इसमें पासिंग मार्क्स ही मिल जाए काफी है, लेकिन जब उनसे पूछा गया कि आपको सबसे अच्छा सब्जेक्ट कौनसा लगता है तो पाया हिंदी और सामाजिक। फिर उनसे पूछा आप अपने फेवरेट सब्जेक्ट और इंग्लिश को कितना पढ़ते है तो पाया विधार्थी फेवरेट सब्जेक्ट को जहां 80 से 90 प्रतिशत समय देता है वही मुश्किल सब्जेक्ट को 10 प्रतिशत समय भी नहीं दे पाते। यदि हम अपने कठिन सब्जेक्ट को नार्मल होने तक अधिक समय नहीं देंगे तो सारे कॉन्सेप्ट क्लियर नहीं होने और वह कठिन सब्जेक्ट कठिन से और भी कठिन होता जायेगा।


आसान सब्जेक्ट हमें आसान इसलिए लगता है क्योकि हमें उसके बेशिक कॉन्सेप्ट स्कूल लाइफ से पहले या शुरुवाती स्कूल टाइम में क्लियर हो गए। इसे आप ऐसा समझ सकते है मुंबई में रहने वाला अमीर घर का वातावरण इंग्लिश का होता है तो उस घर के बच्चे को इंग्लिश आसान सब्जेक्ट लगता है जबकि गाँव में रहने वाले बच्चे का वातावरण खेती से होता है तो उसे बैल, हल, ट्रेक्टर, सिचाई, गेंहू, चावल आदि फसलों कि ऋतुएँ जैसे कब बोई जाती है कटाई कैसे होती है आदि आसान लगता है ।


मोबाइल और टीवी - आजकल टीवी से अधिक मोबाइल लोकप्रिय हो गया। छोटे छोटे बच्चे जो अच्छे से बोल भी नहीं पाते वो भी आपके कठिन से कठिन पैटर्न लॉक को एक बार देखने के बाद चुटकियों में खोल कर यूट्यूब में कार्टून देख रहे होते है। ऐसा वो कर पाते है क्योकि जब वो छुपकर आपके लॉक को खोलने कि प्रक्रिया देख रहे होते है तो उनका दिमाग 100 % वही होता है अन्य कुछ भी नहीं सोच रहे होते है क्योकि आगे यूट्यूब में उनका फेवरेट कंटेंट आने वाला है।


मोबाइल एक ऐसा डिवाइस है जिसमे इंटरनेट होने पर पता ही नहीं चलता कि समय कब निकल गया इसलिए बेहतर होगा आपके पढाई के समय आप अपना मोबाइल साइलेंट कर दूर रख दे जिससे जरुरी कॉल ना छूटे या स्विच ऑफ कर दे क्योकि बार बार नोटिफिकेशन और कॉल आने से आपका समय ख़राब होगा और मन शांत नहीं रह पायेगा।


शांत स्थान का चयन करे - पढाई करते समय ऐसे स्थान का चयन करे जो शांत हो, भीड़ भाड़ और अलग अलग तरह के डिस्टर्ब से आप आप अपनी पढाई में खो नहीं सकते और जब तक आप उस टॉपिक में खो नहीं जाते तब तक याद नहीं रख पायेगा। एक बार डॉक्टर भीमराव आंबेडकर जी पढाई कर रहे थे उस समय वो लाइब्रेरी में इतने खोये हुए थे कि उन्हें पता ही नहीं चला उनके यहाँ काम करने वाला व्यक्ति कब आया और चला गया। ऐसा अक्सर आपके साथ भी हुआ होगा जब आप टीवी या मोबाइल में आपकी फेरवट मूवी देख रहे होंगे।


विचार करे - पढ़ने के बाद मनन करे आपने क्या पढ़ा है? जिस भी पॉइंट पर उलझ रहे है उसे लिख ले ताकि बाद में देख सके। लेकिन कभी भी रट कर पढाई नहीं करे, बल्कि जिस टॉपिक के बारे में आप पढ़ या लिख रहे है उसके केन्द्र में अपने आप को रखते हुए या उस टॉपिक को मन कि आँखों से देखते हुए पढाई करे।


योग और व्यायाम करें - यदि हो सके तो योग और व्यायाम करे, ऐसा करने से मन शांत और आलस्य दूर करने में मदद मिलती है। इससे शरीर भी अच्छा रहेगा और दिमाग को सुबह जल्दी उठाने से फ्रेश आक्सीजन मिलती है जिससे दिमाग कि कार्य करने कि क्षमता बढ़ जाती है ।


ग्रुप स्टडी अच्छा तरीका है- करंट अफेयर पर ग्रुप डिसकस कर किसी भी टॉपिक के बारे में अच्छे और बुरे प्रभावों के बारे में अपने दोस्तों से सप्ताह में एक दिन डिसकस करे तो आपको याद अधिक समय तक रहेंगे यदि डेली न्यूज़ के बारे में शाम को 1 घंटे भी डिसकस करे तो इसके बेहतर परिणाम मिलेंगे। अंग्रेजी भाषा पर बेहतर पकड़ के लिए यदि आप टूटी फूटी अंग्रेजी में भी ग्रुप डिस्कशन करे तो धीरे धीरे अच्छी पकड़ बना पाएंगे। ग्रुप डिसकस से आप किसी भी भाषा को एक रिसर्च के तौर पर लेकर अच्ची पकड़ बना सकते है।


पढ़ाई के दौरान लेते रहें ब्रेक - लगातार पढाई करने से बेहतर है 1 घंटे में 5 से 10 मिनट का ब्रेक लेकर आप अपनी पसंद का संगीत सुन ले या पढ़े हुए को मनन करते हुए याद करे कि आपने क्या पढ़ा है? ऐसा करने से आप तेजी से याद रख सकेंगे।


अभी कभी सेलेबस से बहार भी पढ़े - अक्सर देखा गया है कि अधिकतर लोग सिलेबस में ही पढ़ते है लेकिन कभी कभी किसी ख़ास टॉपिक को समझने के लिए सिलेबस से बहार भी पढ़ना चाहिए ताकि आप टॉपिक को बेहतर ढंग से समझ सके । जैसे यदि आप कर्क रेखा के बारे में पढ़ रहे है तो आपको ग्लोब उठा कर उस पर अंकित अक्षांत और देशांतर रेखाओं को देख कर समझना चाहिए कि ये रेखाएं क्या है क्यों बनाई गई, इनके मध्य क्या सम्बन्ध है और कौन, कौन से देश या क्षेत्र से गुजर रही है आदि टॉपिक क्लियर होने से आप अपने टॉपिक को बेहतर समझ सकेंगे।


अंत में हम यही कहेंगे स्कूली छात्र से लेकर सिविल सेवा कि तैयारी करने वाले युवा तक सभी को यदि पढ़ा हुआ याद रखना है तो शांत मन, विजुअलाइजेशन पैटर्न, कठिन विषय को अधिक समय देना और पढ़ा हुआ मनन करने से आसानी से सफलता हासिल कि जा सकती है।


पढ़ा हुआ याद रखने के लिए लोगो दवारा सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: क्या पढ़ा हुआ याद करने के लिए याद रखने के लिए मेडिसिन लेनी चाहिए?

उत्तर - नहीं, संतुलित भोजन, दूध और हरी सब्जिया लेनी चाहिए।


प्रश्न: पढ़ा हुआ एक बार में ही याद हो इस के लिए क्या करना चाहिए?

उत्तर - इसके लिए आप शांत मन से जो पढ़ रहे है उसकी काल्पनिक इमेज अपने दिमाग में बनाते रहे ।


प्रश्न: स्कूल के बच्चो को कैसे पढ़ाये की याद हो जाए ?

उत्तर - स्कूली बच्चों को यदि हो सके तो प्रोजेक्ट और टेक्नोलॉजी के माध्यम से ग्राफिक्स के माध्यम से पढ़ाये जिससे जल्दी सिख सके।  


प्रश्न: क्या फिक्स फार्मूला रट कर याद करना चाहिए।  

उत्तर  - नहीं, रेट हुए शब्द परीक्षा में भूल जाते है इसलिए डेली उसे में आने वाली बस्तुओं के नाम या शार्ट ट्रिक्स जो डेली काम में आये उससे जोड़ कर याद करे । 


प्रश्न: क्या नोट्स बना कर पढ़ने से जल्दी याद हो जाता है?

उत्तर - बिलकुल, लेकिन नोट्स बनाने के लिए पहले टॉपिक को पढ़े फिर लिख सकते है या उन बिंदुओं को लिख सकते है जिन्हे आप बार बार भूल रहे है।