रेलवे में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों के लिए बुरी खबर

भारत के सबसे अधिक रोजगार देने वाली संस्था भारतीय रेलवे ने बीते 6 सालों में लगभग 72 हजार पोस्ट खत्म कर दिया। यह सब ऐसे समय हो रहा है जब भारत में बेरोजगारी अपने चरम पर है और लाखों युवा नौकरी की तलाश में भटक रहे है। रेलवे की यह खबर लाखों बेरोजगार युवाओं के लिए दिल तोड़ने वाली खबर है।


कौन से और कितने पद खत्म किए गए?

भारतीय रेलवे 10 लाख से भी अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करने वाला सरकारी संस्थान है। लेकिन अब बताया गया है कि रेलवे ने 72000 से भी ज्यादा पदों को खत्म कर दिया गया है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक ये पद ग्रुप सी और डी से जुड़े हैं। यहां ये बात गौरतलब है कि साल 2019 में आई रेलवे की 1 लाख पोस्ट के लिए 2 करोड़ से भी ज्यादा कैंडिडेट्स ने अप्लाई किया था। चूंकि रेलवे की ज्यादातर भर्तियां ग्रुप सी और डी के तहत ही की जाती हैं और उन्हें बड़ी संख्या में घटा दिया गया है, ऐसे में इन अभ्यर्थियों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।

रेलवे ने 72000 से भी ज्यादा पदों को खत्म कर दिया

रेलवे बोर्ड गैजेटेड (ग्रुप A और B) और नॉन-गैजेटेड (ग्रुप C और D) के पदों पर भर्तियां करता है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2015-16 से 2020-21 के बीच रेलवे के 16 जोन के द्वारा लगभग 56 हजार 888 पदों को खत्म किया गया है। वहीं 15,495 और पदों का खत्म किया जाना प्रस्तावित है। अखबार ने बताया कि इनमें से 9000 से ज्यादा पदों को उत्तर रेलवे ने खत्म किया है. वहीं 7524 पदों को दक्षिण रेलवे ने खत्म किया। 5700 पद पूर्व रेलवे द्वारा खत्म किए गए और 4667 पदों दक्षिण-पूर्वी रेलवे ने खत्म कर दिया।


ऐसा क्यों हुआ?

केंद्र सरकार अपने तंत्र को और डिजिटल रूप देने में लगी है। हालांकि वो ये भी कहती रही है कि डिजिटल होने और नई टेक्नोलॉजी अपनाने के कारण सरकारी नौकरियों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि जिन 72 हजार पदों को खत्म किया गया है, उसके पीछे का कारण रेलवे द्वारा नई टेक्नोलॉजी को अपनाना ही है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक इन पदों को नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ने के कारण खत्म किया गया है। बताया गया है कि रेलवे के डिजिटल होने के कारण ये पद अब गैर जरूरी हो गए हैं. वहीं आजतक की एक रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे का साल 2021-22 का एक अध्ययन अंतिम चरण में है. ऐसा कहा जा रहा है कि इसके बाद करीब 9000 और पदों को खत्म किया जा सकता है. 


यहां एक बात और गौर करने वाली है कि मौजूदा केंद्र सरकार के आने के बाद से रेलवे में आउटसोर्सिंग को भी बढ़ावा दिया गया है। इसके कारण भी रेलवे में स्वीकृत पदों की संख्या में कमी आई है और ये सारे पद घट रहे हैं, जो कि अब साफ दिख भी रहा है।